मै अपने प्यार की कहानी देख ली
मौजो में बहती याद की ऐसी कहानी देख ली ,
दिल के सुहाने बाग़ में बहती जवानी देख ली,
देखे कितने बहकते जुल्फों के अफ़साने ,
पर आज उसकी आँखों में मै अपने प्यार की कहानी देख ली !!
मुहब्बत न करो की ये तुम्हे आवारा बना दे ,
गर्दिश में अकेला चमकाने वाला सितारा बना दे ,
मुहब्बत अपनी हद में ही रहे तो अच्छा है ,
कहीं ऐसा न हो की तुम्हे 'हीर' और उसे 'राँझा' बना दे !!
आशिकी तो दर्द है , हँस-हँस के पिए जाने का,
मौजो में भी गम को छुप-छुप के सीएव जाने का ,
हमने सोचा की आज इसको जड़ से ही मिटा डालेंगे ,
रखकर अपने जनाजे पर इसको भी जला डालेंगे !!
प्यार में लोग कहते थे, कि दिन में भी तारे नजर आते है ,
शाम को उसकी गलियों के इशारे नजर आते है ,
सपनो में तो उससे भी खुबसूरत नज़ारे आते है ,
जैसे बहते हुए समुन्दर में ज्वारें नजर आते है !!
छोड़ के मै जाऊ उसे , खुदा ऐसी बद् दुआ ना दे !
गर छोड़ दे वो मुझको तो भी , खुदा उसे भुलाने की दुआ ना दे !!
बिन जीना मेरा उसके लिए उजाले के सितारे जैसा है !
वो आँखों की पुतली जैसी है, और ये समुन्दर के किनारे जैसा है !!
आशीष पाण्डेय "देव "
दिल के सुहाने बाग़ में बहती जवानी देख ली,
देखे कितने बहकते जुल्फों के अफ़साने ,
पर आज उसकी आँखों में मै अपने प्यार की कहानी देख ली !!
मुहब्बत न करो की ये तुम्हे आवारा बना दे ,
गर्दिश में अकेला चमकाने वाला सितारा बना दे ,
मुहब्बत अपनी हद में ही रहे तो अच्छा है ,
कहीं ऐसा न हो की तुम्हे 'हीर' और उसे 'राँझा' बना दे !!
आशिकी तो दर्द है , हँस-हँस के पिए जाने का,
मौजो में भी गम को छुप-छुप के सीएव जाने का ,
हमने सोचा की आज इसको जड़ से ही मिटा डालेंगे ,
रखकर अपने जनाजे पर इसको भी जला डालेंगे !!
प्यार में लोग कहते थे, कि दिन में भी तारे नजर आते है ,
शाम को उसकी गलियों के इशारे नजर आते है ,
सपनो में तो उससे भी खुबसूरत नज़ारे आते है ,
जैसे बहते हुए समुन्दर में ज्वारें नजर आते है !!
छोड़ के मै जाऊ उसे , खुदा ऐसी बद् दुआ ना दे !
गर छोड़ दे वो मुझको तो भी , खुदा उसे भुलाने की दुआ ना दे !!
बिन जीना मेरा उसके लिए उजाले के सितारे जैसा है !
वो आँखों की पुतली जैसी है, और ये समुन्दर के किनारे जैसा है !!
आशीष पाण्डेय "देव "
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