आज के बदलते वक्त और उससे भी ज्यादा बदल रहे मानव की हकीकत

  • 100 रुपये का नोट किसी को देना बहुत बड़ा लगता है लेकिन किसी होटल में यही नोट बहुत छोटी लगाती है। 
  • वेलेंटाईन डे पर अपनी प्रेमिका को 500 रुपये का गिफ्ट दे देते है  जिसे वो बस चन्द दिनों से जानते है पर मदर्स डे पर माँ के लिए 5 रुपये का गुलाब नहीं दे सकते जो उन्हें पाल -पोशकर  इतना बड़ा बनाती है।
  • 50 रुपये के सिगरेट  पीना आज के युवाओ  के लिए आम बात है पर 50 पैसे किसी गरीब की झोली  में डालना इनके लिए पहाड़ लगता है। 
  • प्रेमिका के साथ 3 घंटे की फिल्म देखने में इन्हें उबन नहीं आती पर माँ के 3 मिनट पैर दबाने में ये उब जाते है। ये शायद इन बातों से परे है की जो ये आज कर रहे है बिलकुल वही निकट भविष्य में इनके साथ भी घटित होने वाला है 
  • अपनी प्रेमिका से पूरी रात बात करने में इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता पर माँ के साथ मंदिर जाने में इनका समय बर्बाद होता है। 
  • मोबाईल में 100 रुपये का रीचार्ज करवा के प्रेमिका  से बात करने में इनका पैसा बर्बाद नहीं  होता पर भगवान  के मंदिर में 1 रुपये चढ़ाने से इनका पैसा बर्बाद होता है। 
  • एक गिरे हुए गरीब या बूढ़े को उठाने में इनको शर्म आती है पर एक लड़की को अगर ये छू भी लेते है तो उसे मनाने के लिए 1000 बार सॉरी बोलते है पर उस व्यक्ति का ध्यान नहीं देते जो 1000 व्यक्तियों के लातों से दबा जा रहा है।
                         यही है आज के बदलते वक्त और उससे भी ज्यादा बदल रहे मानव की हकीकत .....

                                                                            आशीष पाण्डेय "देव"

Comments

  1. sach hai Ashish ji aap ne jo baat likha hai aaj kal ke yuva logo yahi karte ja rahe hai aur apne maa baap ka pyaar aur unke dwara diye gaye sabhyate sanskriti ko bhulate jaa rahe hai....

    hame aur hamare collage friends aap ki is baato se bahut sikh le rahe hai aur is baar ham sab promise karte hai ki is baar se mothers day par ham apni-apni Maa ko jarur wish karenge ......


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