शराब "कलयुग का अमृत"
इश्वर से भेंट कराने की,
उच्चारण शुद्ध करने की, की
दुनिया में नाम बढ़ाने की,
यह दवा है एक ऐसी जनाब...
जिसका नाम रखा हमने शराब...
आलस्य को दूर भगाती है,
दो बिछड़े दिलों को मिलाती है,
ये दुःख की घड़ी को भुलाती है,
सुख की गठरी है ये जनाब...
जिसका नाम रखा हमने शराब...
सुन्दर सी कली है ये शराब,
महलों की परी है ये शराब,
अम्बर से गिरी है ये शराब,
धरती पे पली है ये जनाब.....
जिसका नाम रखा हमने शराब...
आँखों की ज्योति बढ़ाती है,
चंचल काया को बनाती है,
दो युगल प्रेमियों को मिलाती है,
जीनें का मजा देती है जनाब...
जिसका नाम रखा हमने शराब....
उच्चारण शुद्ध करने की, की
दुनिया में नाम बढ़ाने की,
यह दवा है एक ऐसी जनाब...
जिसका नाम रखा हमने शराब...
आलस्य को दूर भगाती है,
दो बिछड़े दिलों को मिलाती है,
ये दुःख की घड़ी को भुलाती है,
सुख की गठरी है ये जनाब...
जिसका नाम रखा हमने शराब...
सुन्दर सी कली है ये शराब,
महलों की परी है ये शराब,
अम्बर से गिरी है ये शराब,
धरती पे पली है ये जनाब.....
जिसका नाम रखा हमने शराब...
आँखों की ज्योति बढ़ाती है,
चंचल काया को बनाती है,
दो युगल प्रेमियों को मिलाती है,
जीनें का मजा देती है जनाब...
जिसका नाम रखा हमने शराब....
आशा की किरणें जिससे आये,
फूलों की तरह जो मन भाए,
समय की तरह जो चलती जाए,
ये ऐसा सीरप है जनाब...
जिसका नाम रखा हमने शराब...
क्या करें आज की अब चिंता,
क्या करें भविष्य की आशा,
जब लोग हमें ठुकरा ही दिए,
तो फिर क्या आशा, क्या निराशा?
मैं चिंता की चिता जलाता हूँ,
मैं मुरझाये फूल खिलाता हूँ,
जिस चेहरे पर आंसू आये ,
उस चेहरे पर हंसी खिलाता हूँ ,
जन-जन, जुग-जुग, जगह-जगह,
जाकर के हमने यह देखा,
सब लोगों के ही ऊपर,
है खिची हुई मेरी रेखा,
लेकिन एक बात बता ए मानव,
इससे क्या तेरा जीवन बन जायेगा?
क्या इसको पीने से दिन भर,
तू 'इन्द्र देव' बन जायेगा?
जो इसको पिएगा दिन भर,
वो कुत्ते की तरह मारा जायेगा,
हड्डियाँ बनेंगी डंडियाँ,
मरने के समय चिल्लाएगा,
अब भी तू अमल कर ले मानव,
त्याग दे तू पीना शराब !
ये है मीठे विष की थैली,
जिन्दा जलायेगी ये जनाब...
जिसका नाम रखा हमने शराब.......
आशीष कुमार पाण्डेय "देव"
hello Ashish ji ......
ReplyDeleteBahut dino baad kavitaen diye aap lekin aisi kavita diye ki jisaka koi jabab hi nahi....
main bhagavaan se yahi kamana karati hun ki aap ek din sansar ki us uchai par hon jahaan na chahane walon ki bhee nazar pahuche.......
Best of luck......
gazab Ashish ji !!!
ReplyDeletekya khoob mata ne aap ko likhane ki shakti pradan ki hai ...
mai bhagavaan se kamana karungi ki aap apne kalam se sada hi logo ka margdarshan karate rahen.....
Happy Christmas Day .......