आया बसंत
आया बसंत, आया बसंत,
फिर से खुशियाँ लाया बसंत
खिल गए आम्र के फूल,
गूंजी कोयल की गूंज,
खेतों में आयी हरियाली,
बन गयी धरा फूलों वाली ,
लग गया मेला तीर्थस्थल पर, दिखतें है यहाँ सब साधू संत ,
आया बसंत, आया बसंत
गेंहूँ की बाली मुस्काए ,
सूरज की लाली मन भाए,
कोकिला कंठ से गीत गए ,
मन सबके ऐसा दृश्य मन भाए ,
बहती है पवन रस मंद - मंद ,
आया बसंत आया बसंत ,
गन्ने का सरबत, मीठी बेर
चींटी का साहस, जंगल का शेर ,
मिलती है आशा , खुशियाँ ढेर ,
हो गया "गंगा", "यमुना", "सरस्वती" का मेल ,
हो रही आरती गंगा तट पर , बज रहे हैं घंटा तन्न - तन्न ,
आया बसंत , आया बसंत
सरसों के पीले खेतों में ,
मधुमक्खी के मीठे छत्तों में ,
गुडहल गेंदा के फूलों में ,
बच्चों से भरे स्कूलों में ,
नव प्रतिभा की ज्योति जगमगाई है, शादियों की रश्म ले आयी है,
बजतें है नाग्गाड़े डम्म-डम्म,
आया बसंत, आया बसंत
आशीष पाण्डेय "देव"
फिर से खुशियाँ लाया बसंत
खिल गए आम्र के फूल,
गूंजी कोयल की गूंज,
खेतों में आयी हरियाली,
बन गयी धरा फूलों वाली ,
लग गया मेला तीर्थस्थल पर, दिखतें है यहाँ सब साधू संत ,
आया बसंत, आया बसंत
गेंहूँ की बाली मुस्काए ,
सूरज की लाली मन भाए,
कोकिला कंठ से गीत गए ,
मन सबके ऐसा दृश्य मन भाए ,
बहती है पवन रस मंद - मंद ,
आया बसंत आया बसंत ,
गन्ने का सरबत, मीठी बेर
चींटी का साहस, जंगल का शेर ,
मिलती है आशा , खुशियाँ ढेर ,
हो गया "गंगा", "यमुना", "सरस्वती" का मेल ,
हो रही आरती गंगा तट पर , बज रहे हैं घंटा तन्न - तन्न ,
आया बसंत , आया बसंत
सरसों के पीले खेतों में ,
मधुमक्खी के मीठे छत्तों में ,
गुडहल गेंदा के फूलों में ,
बच्चों से भरे स्कूलों में ,
नव प्रतिभा की ज्योति जगमगाई है, शादियों की रश्म ले आयी है,
बजतें है नाग्गाड़े डम्म-डम्म,
आया बसंत, आया बसंत
आशीष पाण्डेय "देव"
Comments
Post a Comment